नाला सफाई में गड़बड़ी उजागर

Friday, September 4, 2015 - 12:09

एब्सल्यूट संवाददाता मुम्बई। 19 जून को मुम्बई में हुई मूसलाधार बरसात में मुम्बई में विभिन्न जगहों पर पानी भर गया था, जिसके बाद नालों की साफ-सफाई को लेकर ठेकेदारों पर धांधली का आरोप लगाया गया था। इसकी जाँच के लिए आयुक्त ने एक समिति की नियुक्ति की। इससे सम्बन्धित रिपोर्ट जाँच समिति ने गुरुवार को जारी की। आखिरकार इस बात पर मुहर लग गई की नालों की साफ-सफाई में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना ने इस धांधली में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की माँग प्रशासन से की है।

 

मनपा में भाजपा के नेता मनोज कोटक ने पत्रकार परिषद के दौरान कहा कि नालों की साफ-सफाई में की गई धांधली की जाँच करने के लिए प्रकाश पाटिल के नेतृत्व में गठित समिति की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि अधिकारियों और ठेकेदारों दोनों की मिली-भगत से सभी काम हुए हैं। इसलिए ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना चाहिए और इनका बकाया वेतन रोक कर इन्हें काली सूची में डाल देना चाहिए। जो-जो अधिकारी इसमें लिप्त हैं उन पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। मनोज कोटक ने बताया कि सबसे पहले भाजपा ने ही नाला-सफाई को लेकर गड़बड़ी होने की बात कही थी। विधायक और मुम्बई भाजपा के अध्यक्ष आशीष शेलार ने नाला सफाई के दौरे के दौरान ही साफ-सफाई को लेकर प्रश्न उठाया था। मुम्बई करों का करोड़ों रुपये नुकसान करने वाले और लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज हो, यह माँग हम मनपा आयुक्त अजोय मेहता से करेंगे।

 

मनोज कोटक ने बताया कि सबसे पहले भाजपा ने ही नाला-सफाई को लेकर गड़बड़ी होने की बात कही थी। विधायक और मुम्बई भाजपा के अध्यक्ष आशीष शेलार ने नाला सफाई के दौरे के दौरान ही साफ-सफाई को लेकर प्रश्न उठाया था।

 

स्थायी समिति के अध्यक्ष ने नाला सफाई को लेकर पत्रकारों से बातचीत करने के दौरान कहा कि नालों की सफाई सही तरीके से की गई है, परन्तु नालों के कचरों को लेकर रिपोर्ट में गड़बड़ी होने की बात कही गई है। कचरों को निपटाने में बहुत बड़ी धांधली की गई है। कचरा गाड़ियों पर लगे ट्रैकिंग सिस्टम सही नहीं थे। कीचड़ कितना निकला इसकी जानकारी ही नहीं दी गई है। वजन काटे की पावती के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। इसलिए ठेकेदारों के साथ-साथ अधिकारियों के खिलाफ भी अपराधिक मामले दर्ज किए जाएँ। इसके अलावा अन्य प्राधिकरणों के नालों की सफाई करने वाले ठेकेदारों की भी जाँच की जाए। मनोज कोटक ने कहा कि नाला सफाई का ठेका 54 ठेकेदारों को दिया गया था, जिसमें से 9 की जाँच हुई है। अन्य ठेकेदारों की भी जाँच होनी चाहिए और इन सभी के खिलाफ जल्द-से-जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। आयुक्त को अगले वर्ष नालों की सफाई के लिए एक पारदर्शी यंत्रणा बनानी चाहिए ताकि फिर दुबारा इस तरह की गड़बड़ी न हो पाए।

 

विरोधी पक्ष के नेता देवेन्द्र आम्बेकर ने नाला सफाई की इस रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नाला सफाई में हुई धांधली के लिए आयुक्त जिम्मेदार हैं, इसलिए उन्हें आयुक्त के पद से मुक्त कर वापस भेज देना चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने ही नाला सफाई में हुई गड़बड़ी को उजागर किया था, जिसके बाद जाँच के आदेश दिए गए।

 

साभार : एब्सल्यूट इण्डिया 4 अगस्त 2015

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