लोहिया गाँव में पीली ईंट से हो रहा शौचालय निर्माण

Thursday, July 9, 2015 - 15:11

कल्पतरु समाचार सेवा शिकोहाबाद। लोहिया गाँव में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही की जा रही है पर देखने और सुनने वाला कोई नहीं। सरकार की महत्वाकांक्षी डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना में चयनित ग्रामों में सभी विभागों की विकास योजनाओं को सही ढंग से लागू कराने में अफसरों को पूरी निगरानी करनी चाहिए पर ऐसा नहीं हो रहा है। मामले की शिकायत अब जिलाधिकारी से की गई है।

 

डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र विकास योजना के तहत चयनित गाँव सूरजपुर रुधैनी में प्रधान और सचिव की मिली भगत के चलते गाँव में कछुआ गति से काम चल रहा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 223 शौचालयों में अब तक 130 ही बन सके हैं जो बने हैं उनका भी निर्माण पीली ईंट और यमुना की रेत से कराया गया है। विद्युतीकरण के नाम पर अब तक शंखनाद भी नहीं हुआ है। गाँव में पक्षपात पूर्ण तरीके से कार्य कराया गया है जिसको लेकर जनता में आक्रोश है।

 

अफसर यदि जमीनी हकीकत से वाकिफ होना चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें गाँव सूरजपुर रुधौनी जाना होगा और ग्रामीणों से मुखातिब होकर विभिन्न विभागों की ओर से किए गए विकास कार्य व जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्रों से हकीकत का पता लगाना होगा। सरकार की महत्वाकांक्षी डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना में चयनित ग्रामों में सभी विभागों की विकास योजनाओं को सही ढंग से लागू कराने में अफसरों को पूरी निगरानी करनी चाहिए पर ऐसा नहीं हो रहा है।

 

अपात्रों का हथियार बनीं योजना

 

डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना अपात्रो का हथियार बन गई है। प्रधान और सचिव की मिली भगत से पात्रों की जगह अपात्रों को आवास मिल गए हैं। मामले की शिकायत गाँव के ही एक जागरुक नागरिक ने की है।

 

लाभार्थियों के लिए यह योजना

 

लोक निर्माण, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, प्राथमिक शिक्षा, एमडीएम, आँगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य विभाग, वैकल्पिक ऊर्जा, इन्दिरा आवास, लोहिया आवास, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, नि:शुल्क बोरिंग, वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग पेंशन, पशुपालन आदि के द्वारा गाँव में चलाई जा रही योजना।

 

गाँव के बाहर बने शौचालय

 

योजना के तहत बनाए गए शौचालयों का निर्माण गाँव से बाहर किया गया है इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। रात के समय महिलाओं को शौच लगने पर गाँव से बाहर जाना पड़ता है।

 

साभार : कल्पतरु एक्सप्रेस 7 जुलाई 2015

TAGS