हर घर में हो शौचालय : जगदम्बिका पाल

Wednesday, February 11, 2015 - 14:04

डुमरियागंज (उत्तर प्रदेश) के माननीय सांसद श्री जगदम्बिका पाल ने 17 अक्टूबर, 2013 को तहसीलदार आवास-परिसर के समीप स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व-नीति,वर्ष 2013-2014 के अन्तर्गत सुलभ शौचालय-परिसर निर्माण के लिए शिलान्यास किया। इस सुअवसर पर सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक डॉ. बिन्देश्वर पाठक माननीय क्षेत्रीय विधायक श्री मलिक कमाल युसुफ एवं डुमरियागंज के माननीय उप जिलाधिकारी श्री सन्तोष कुमार सिंह उपस्थित थे।

अपने सम्बोधन में माननीय सांसद श्री जगदम्बिका पाल ने शौचालय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शाम के वक्त घर की महिलाएँ शौच के लिए सड़क के किनारे जाती हैं, जो समाज के लिए चिंतनीय विषय है। सांसद श्री पाल ने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि जागरूक समाज के निर्माण के लिए अपने-अपने घरों में शौचालय अवश्य बनवाएँ।

श्री पाल ने कहा कि गौतम बुद्ध की इस धरती पर डॉ. बिन्देश्वर पाठक-द्वारा स्वच्छता की कड़ी में सुलभ शौचालय के निर्माण का फैसला सराहनीय है। सुलभ सैनिटेशन मिशन फाउण्डेशन-द्वारा सुलभ शौचालय का निर्माण लोगों के लिए हितकर साबित होगा। जिले के अन्य कस्बों में भी सुलभ शौचालय का निर्माण होना चाहिए।

डुमरियागंज के माननीय विधायक श्री मलिक युसुफ ने अपने सम्बोधन में डॉक्टर पाठक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डुमरियागंज के विद्यालयों में भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुलभ इंटरनेशनल के द्वारा सुलभ कॉम्प्लेक्स का निर्माण पिछड़े क्षेत्र के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। श्री युसुफ ने शौचालय के लिए जागरूकता की आवश्यकता बताते हुए माननीय सांसद श्री पाल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह डुमरियागंज आनेवाले यात्रियों एवं स्थानीय लोगों के लिए उपायोगी साबित होगी।

शिलान्यास- कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि डॉ.बिन्देश्वर पाठक ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज देश में लगभग ढाई करोड़ घरों में शौचालय का अभाव है, जबकि घर में शौचालय का होना सबसे मूलभूत आवश्यकता है। सुलभ-संस्थापक ने कहा कि उन्होंने गाँधी जी के आदर्शों का अनुसरण कर सर पर मैला ढोने की प्रथा के खिलाफ आन्दोलन छेड़ा, जो अब सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन का रूप धारण कर चुका है, जिसके तहत शहरों एवं तहसीलों में सुलभ शौचालय बनवाने का काम कर लोगों को शौचालय मुहैया  करवाया जा रहा है।

डॉ. पाठक ने माननीय सांसद श्री पाल के प्रयासों की सराहना की, जिनके योगदान से सुलभ कॉम्प्लेक्स का निर्माण सम्भव हो सका। उन्होंने वर्तमान परिवेश में अपने पुराने सोच को बदलने पर बल दिया, जिससे समाज एवं देश का विकास हो सके।

सुलभ-संस्थापक डॉ. पाठक ने यह भी कहा कि उनकी संस्था कई देशों में यह कार्य कर रही है और शौचालय के अतिरिक्त छुआछूत एवं विधवाओं के कल्याण के लिए भी यह कार्यरत है।

डॉ. पाठक ने कहा कि आजादी के 67 वर्ष बाद भी बड़ी संख्या में युवतियाँ एवं महिलाएँ सड़कों के किनारे शौच के लिए जाती हैं, जो समाज एवं देश दोनों के लिए चिन्ता का विषय है। भारत की समृद्धि के लिए हर घर में शौचालय आवश्यक है।

इसके पूर्व तहसीलदार आवास के पास करीब साढ़े बारह लाख की लागत से बनने वाले सुलभ शौचालय के लिए पूजन - कार्यक्रम पण्डित श्री अश्विनी त्रिपाठी-द्वारा वैदिक मन्त्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराया गया।

कार्यक्रम को नेपाल के पूर्व-सांसद श्री अभिषेक शाह,नगर-पंचायत-अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री मधुसूदन अग्रहरि, सुलभ सैनिटेशन मिशन फाउण्डेशन की श्रीमती अंजू सिन्हा एवं अन्य महानुभावों ने भी सम्बोधित किया।

साभार : सुलभ इण्डिया अक्टूबर 2013

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