गांधी जी

By Shobhana Radhakrishna

Collective cleanliness  
 
As I grew up in the Sewagram Ashram founded by Gandhiji in 1936, the picture that is etched in my mind is of our joyous participation in the collective cleaning drive in the Ashram. Oh, what joy it was for us children...

मोहनदास करमचंद गांधी

श्रम और बुद्धि के बीच जो अलगाव हो गया है, उसके कारण हम अपने गांवों के प्रति इतने लापरवाह हो गये हैं कि वह एक गुनाह ही माना जा सकता है। नतीजा यह हुआ है कि देश में जगह-जगह सुहावने और मनभावने छोटे-छोटे गांवों के बदले हमें घूरे जैसे गन्दे गांव देखने को मिलते हैं। बहुत से या यों कहिए कि करीब-करीब सभी गांवों में घुसते समय जो अनुभव...

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